Tuesday, June 22, 2021
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Covid-19: कोरोना वायरस से ठीक होने के 1 महीने बाद दिख रहे हैं ये लक्षण, रहें सावधान!



<p style="text-align: justify;">कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बावजूद भारत में लोग तेजी से ठीक हो रहे हैं. ज्यादातर लोगों को COVID-19 के हल्के लक्षण ही सामने आ रहे हैं. लेकिन स्टडीज में सामने आ रहा है कि कोरोना से रिकवर होने के बाद भी लोगों को कई ऐसी बीमारियों हो रही हैं जो आपको परेशान कर सकती हैं. SARS-COV-2 वायरस कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी लोगों के शरीर पर हानिकारक प्रभाव छोड़ रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें तो जिन लोगों को COVID-19 के हल्के लक्षण भी हुए हैं. उन्हें लंबे समय में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1- हार्ट, किडनी की समस्या-</strong> जो लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं उनमें लंबे समय बाद हार्ट और डायविटीज की समस्या भी सामने आ रही है. ऐसे लोगों को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा किडनी को भी नुकसान हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2- मानसिक स्वास्थ पर असर-</strong> कोरोना के गंभीर मरीजों को कई तरह की मानसिक बीमारियां होने का भी खतरा पैदा हो रहा है. ऐसे में लोगों को रिकवर होने के बाद अपने मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखने के जरूरत है. आपको ठीक होने के बाद समय-समय पर सभी टेस्ट करवाते रहना चाहिए.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>3- लॉन्ग कोविड-</strong> कई लोगों को कोरोना ठीक होने के बाद भी लक्षण रहते हैं. रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी सिर दर्द, कफ, माइलगिया, सोचने-समझने की शक्ति कम होना जैसे लक्षण हो सकते हैं. कई बार ये 1 महीने तक या उसके बाद तक रह सकते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>4- डायबिटीज-</strong> COVID-19 से रिकवर हुए रोगियों को मधुमेह का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये वायरस अग्न्याशय जैसे महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करता है. जो लोग पहले से डायबिटिक हैं उनका ब्लड शुगर ऊपर नीचे हो सकता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>5- न्यूरोलॉजिक और साइकोलॉजिक समस्या-</strong> कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि कोरोना से ठीक होने के बाद मरीजों में कई तरह की न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक समस्याएं देखने को मिली हैं. खासतौर से महिलाओं में ऐसी बीमारियां होने का खतरा ज्यादा है.&nbsp;</p>



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