Friday, April 16, 2021
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रणनीति में काेई बदलाव नहीं, अब बंगाल ही फाेकस: अब सांप्रदायिक रूप से तीखा और आक्रामक चुनाव होगा प. बंगाल में


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नई दिल्ली20 घंटे पहलेलेखक: धर्मेंद्र सिंह भदौरिया

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  • आगे के 5 चरणों में 203 सीटाें में 110-115 सीटों पर मुस्लिम वोटर निर्णायक

पश्चिम बंगाल में तीन दौर का मतदान होने के बाद अब 294 में से शेष बची 203 सीट के लिए पांच चरणों में चुनाव होने हैं। ऐसे में अब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा बची हुई सीटों के लिए चुनाव प्रचार और अधिक आक्रामक और तीखा रहने की संभावना है। जिन 203 सीटों में अब वोट पड़ने हैं उनमें से 110-115 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम वोट निर्णायक है।

इसके अतिरक्त 22-25 सीटें ऐसी हैं जिन पर चाय बागान के वोटर्स निर्णायक हैं। ऐसे में भाजपा की रणनीति है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही पार्टी के मुस्लिम नेताओं के दौरे-रैलियां, रोड़ शो और बढ़ाएगी।

इसके साथ ही पार्टी की रणनीति है कि मुस्लिम वोट एकमुश्त ममता बनर्जी को ना मिल पाएं। वहीं तृणमूल कांग्रेस की रणनीति ममता बनर्जी के चेहरे को आगे रखते हुए भाजपा के हर आरोप का जवाब देना है। मजेदार बात यह है कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगा रही हैं।

अब सांप्रदायिक रूप से …
रणनीति में काेई बदलाव नहीं, अब बंगाल ही फाेकस : भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बताया कि रणनीति बदलने जैसी कोई बात नहीं है, चूंकि अब सिर्फ बंगाल में ही चुनाव बचे हैं ऐसे में हमारे वरिष्ठ नेताओं के पास समय है जिसका हम सदुपयोग करेंगे। मोदी, शाह और योगी, स्मृति ईरानी के अतिरिक्त शहनवाज हुसैन, मुख्तार अब्बास नकवी जैसे मुस्लिम नेताओं की सभाएं भी होंगी। आज बुधवार को ही अमित शाह ने बंगाल में चार रोड शो, योगी आदित्य नाथ की तीन सभाएं हुईं। इसके अतिरिक्त पार्टी के ओबीसी और एससी नेताओं को भी उतारा जाएगा।

ध्रुवीकरण बढ़ेगा : पांच चरणों के चुनाव के संबंध में सीएसडीएस के प्रो. संजय कुमार ने कहाकि जिन 203 सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें से 110 से 115 सीटें मुस्लिम बहुल हैं (कम से कम 25 फीसदी से अधिक संख्या)। इसलिए अब प्रचार आक्रामक होगा। चुनाव में ममता बनर्जी ही सबसे बड़ा मुद्दा हैं।

राजनीतिक विश्लेषक अभय दुबे ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव प्रचार आगे बढ़ेगा लगातार ज्यादा से ज्यादा सांप्रदायिक धुव्रीकरण करने की कोशिश बढ़ेगी। यह अलग बात है कि धुव्रीकरण होगा या नहीं। ममता बनर्जी को पहले से ही ‘बेगम ममता’ और ‘खाला ममता’ भाजपा नेताओं ने कहना शुरू कर दिया है।

प्रधानमंत्री ने भी भाषण में कहा है कि हम हिंदू एकता की बात कहेंगे तो हमें चुनाव आयोग का नोटिस मिल जाएगा। वहीं ममता बनर्जी भी खुलकर मुसलमानों के वोट मांग रही हैं, तो एेसा नहीं है कि वे सांप्रदायिक राजनीति नहीं कर रही हैं।

भाजपा ध्रुवीकरण करती है

टीएमसी के उपाध्यक्ष और सांसद प्रो. सौगत रॉय ने कहा कि भाजपा वोटों का सांप्रदायिक धुव्रीकरण करती है हम नहीं करते। भाजपा नेता कुछ भी बोलते हैं इसलिए हमें जवाब देना पड़ता है।

रणनीति में काेई बदलाव नहीं, अब बंगाल ही फाेकस

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बताया कि रणनीति बदलने जैसी कोई बात नहीं है, चूंकि अब सिर्फ बंगाल में ही चुनाव बचे हैं ऐसे में हमारे वरिष्ठ नेताओं के पास समय है जिसका हम सदुपयोग करेंगे। मोदी, शाह और योगी, स्मृति ईरानी के अतिरिक्त शहनवाज हुसैन, मुख्तार अब्बास नकवी जैसे मुस्लिम नेताओं की सभाएं भी होंगी। आज बुधवार को ही अमित शाह ने बंगाल में चार रोड शो, योगी आदित्य नाथ की तीन सभाएं हुईं। इसके अतिरिक्त पार्टी के ओबीसी और एससी नेताओं को भी उतारा जाएगा।

मुस्लिम से अपील, ममता काे नोटिस

चुनाव आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को अगले 48 घंटे में नोटिस का जवाब देने को कहा है।

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