Thursday, April 15, 2021
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भीषण अग्निकांड: 25 झुग्गियों में पैसा, राशन, कपड़े सब राख एक के बाद एक फटे आठ छोटे गैस सिलेंडर


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हिसार6 घंटे पहले

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  • गुरुवार दोपहर सेक्टर 16-17 की झुग्गी बस्ती में लगी आग से अफरा-तफरी
  • इधर, मदद को बढ़े हाथ- संस्थाएं, पार्षद, पुलिस व प्रशासन मदद के लिए दौड़े, फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने 1 घंटे में बुझाई
  • आग के कारणों का अभी पता नहीं चला, टीम जांच और आंकलन करने पहुंची

सेक्टर 16-17 में 25 झुग्गियाें में गुरुवार दाेपहर करीब 3 बजे आग लग गई। घटना के वक्त अधिकतर लाेग मजदूरी करने गए थे। बच्चे बाहर खेल रहे थे। आग से झुग्गियां व उनमें रखा कैश, राशन, बर्तन, कपड़े आदि अन्य सामान जल गया। जले नोटों की गड्डियां भी मिलीं।

महिलाएं व बच्चे राेने लगे। हालांकि अभी आग के कारणों का पता नहीं चल सका। घटना की सूचना पर सेक्टरवासी, पार्षद अमित ग्राेवर, छुपी मुस्कान संस्था, करनैल सिंह, शाह सतनाम ग्रीन फाेर्स व सिविल लाइन पुलिस मदद के लिए पहुंची। दमकल के पहुंचने से पहले लाेग अपने स्तर पर अाग बुझाने में लग गए। हालांकि गैस सिलेंडर बारी-बारी फटने लगे तो लाेग घटना स्थल से दूर हाे गए। दमकल की कई गाड़ियों ने करीब 1 घंटे में आग पर काबू पाया।

सेक्टर के लाेगाें ने सेक्टर 16-17 कम्युनिटी सेंटर में इन परिवाराें काे ठहराया है। काेई खाना लेकर पहुंचा ताे काेई अार्थिक मदद को अागे अाया। पार्षद अमित ग्राेवर ने प्रशासन से हर परिवार काे ~10-10 हजार की आर्थिक मदद करने व झाेपड़ियां तैयार करके देने की मांग की है। नुकसान के आंकलन के लिए पटवारी हनुमान सिंह व रेडक्राॅस से सचिव रविंद्र लाेहान और नायब तहसीलदार भी पहुंचे।

2 किलाे से 5 किलाे तक के रखे थे गैस सिलेंडर, पांच मिनट में ही फैल गई आग

झुग्गियाें में 2 से पांच किलोग्राम के आठ सिलेंडर रखे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पांच मिनट के समय में ही झुग्गियों में भयंकर आग फैल गई। कुछ ही देर में एक एक कर आठ गैस सिलेंडर धमाके के साथ फट गए।

राहत… परिवारों को अभी कम्युनिटी सेंटर में ठहराया

  • लाेगाें ने खाने पीने की व्यवस्था के लिए अार्थिक सहयाेग से 10 हजार रुपये माैके पर एकत्रित किए।
  • जिला प्रशासन से बात कर माैके पर बुलाए गए। रेडक्रॉस की तरफ से तिरपाल अाया मगर लगाने की कंडीशन लगाकर जनप्रतनिधियाें ने वापस भेज दिया। उन्हाेंने कहा कि इनकी झुग्गियां बनाकर दे प्रशासन।
  • लाेगाें ने प्रशासन की मदद से उन्हें सेक्टर 16-17 कम्युनिटी सेंटर में ठहराया। सामाजिक संस्थाओं की मदद से टेंट लगवाया गया है।
  • पब्लिक हेल्थ ने तुरंत दाे पानी के टैंकर माैके पर पहुंचाए।
  • जिला प्रशासन व लाेगाें ने खाने और बिस्तर की व्यवस्था की।

पीड़ितों की जुबानी उनका दर्द- किसी ने पाेछा लगा किए थे पैसे इकट्ठे ताे किसी ने दिहाड़ी कर

मेहनत से एक लाख जोड़े थे, बहन की शादी में जाना था : एमपी वासी पार्वती बाेली दाे साल तक काेठियाें में पोछा लगाकर 1 लाख रुपये जोड़े थे। 25 अप्रैल काे बहन कल्पना की शादी है। परिवार की 18 अप्रैल की ट्रेन टिकट भी बुक थी। शादी का सामान खरीदा हुआ था कैश के साथ वह भी जल गया।

90 हजार से ज्यादा कैश, बेटी की सिलाई मशीन जली : कमला की आंखें नम थी। समाजसेवी संस्थाओं की महिला नीलम सुंडा व उर्मिल बूरा जब पहुंचीं ताे वे गले लगकर राेने लगी। कमला बोली उसका 90 हजार से ज्यादा कैश और बेटी की सिलाई मशीन, राशन, बर्तन व सभी सामान जल गया।

फाेन आया कि आग लग गई, पहुंचा ताे सब राख था एमपी वासी परम लाल ने कहा कि मैं दिहाड़ी पर गया था। दूसरे झुग्गीवालाें ने फोन पर बताया। मजदूरी कर 80 हजार रुपये एकत्रित किए हुए थे। सामान के साथ वाे भी जल गया। पिछले ढाई साल से घर नहीं जा पाए थे।

इधर, नायब तहसीलदार ललित जाखड़, सिविल लाइन एसएचओ बलवंत सहित अन्य सैकड़ाें लाेग पहुंचे और मदद की। डीसी डॉ. प्रियंका साेनी ने कहा कि झुग्गियाें में आग लगने की घटना के कारणाें का पता लगाया जा रहा है। पीड़ित परिवाराें की हर संभव मदद की जा रही है।

उम्मीद की तलाश ... झुग्गियों में लगी आग बुझाने के बाद राख के ढेर में कुछ बाकी बचने की उम्मीद में सामान ढूंढती महिला। पुलिस ने जब पूछा ताे महिला ने कहा अाधार कार्ड ढूंढ रही हूं, कहीं अासपास मिल जाए।

उम्मीद की तलाश … झुग्गियों में लगी आग बुझाने के बाद राख के ढेर में कुछ बाकी बचने की उम्मीद में सामान ढूंढती महिला। पुलिस ने जब पूछा ताे महिला ने कहा अाधार कार्ड ढूंढ रही हूं, कहीं अासपास मिल जाए।

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