Wednesday, April 14, 2021
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फाइनेंस कमिश्नरों की प्रगति कमजोर: जमीनों से जुड़े 279 केसों में खेमका की रेवन्यू कोर्ट ने 43% निपटाए


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राजधानी हरियाणा5 घंटे पहले

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प्रदेश में तहसीलदार, कलेक्टर और मंडलायुक्त के बाद जमीन संबंधी मामलों की अगली सुनवाई प्रदेश के सीनियर आईएएस बतौर फाइनेंस कमिश्नर रेवन्यू कोर्ट में होती है। राज्य में दो डिविजन बेंच समेत 18 फाइनेंस कमिश्नर की रेवन्यू कोर्ट है, लेकिन जमीनों के मामले यहां भी आकर लटक रहें हैं। यदि सीनियर आईएएस अशोक खेमका को छोड़ दिया जाए तो बाकी फाइनेंस कमिश्नरों की प्रगति कमजोर है।

2020-21 के वित्त वर्ष में कुल दो डिविजन बेंच समेत फाइनेंस कमिश्नरों की रेवेन्यू कोर्ट में कुल 279 केस निपटाए गए हैं। इनमें 43 प्रतिशत से ज्यादा मामले अकेले खेमका की कोर्ट के हैं। जबकि बाकी में 57 प्रतिशत मामले निपटे हैं। पेंडिंग केसों को लेकर प्रदेश के फाइनेंस कमिश्नर ने संज्ञान लिया है।

उन्होंने पिछले वित्त वर्ष की रिपोर्ट सभी फाइनेंस कमिश्नर को भेजी है। साथ ही पत्र में लिखा है कि जो भी मामले पेंडिंग हैं, उन्हें जल्द से जल्द निपटाया जाए। पत्र की कॉपी चीफ सेक्रेटरी कम फर्स्ट फाइनेंस कमिश्नर विजय वर्धन को भी भेजी गई है। बता दें कि फाइनेंस कमिश्नरों की रेवन्यू कोर्ट में जमीनों से जुड़े पार्टिशन, नंबदारी, गिरदावरी, म्यूटेशन, डिक्लेरिएशन समेत सभी प्रकार के मामलों की सुनवाई होती है।

सीनियर आईएएस अशोक खेमका ने साल भर में 121 मामले निपटाए हैं, जो अन्य सभी फाइनेंस कमिश्नर से ज्यादा हैं। जबकि उनके पास अभी सबसे कम 30 केस ही पेंडिंग हैं। दूसरी तरफ विनीत गर्ग ने साल भर में 2 मामले निपटाए हैं। उनके पास सबसे ज्यादा 280 मामले अभी बाकी है।

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