Friday, April 16, 2021
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पानीपत में पूर्व CM: प्रदेश के 16 में से 8 लाख किसानों का ही हुआ रजिस्ट्रेशन, सरकार बताए- 50% किसान कहां बेचें अपनी फसल, आढ़तियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान


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पानीपत4 मिनट पहले

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पानीपत अनाज मंडी पहुंचने पर गे

  • आढ़ती एसोसिएशन की हड़ताल को समर्थन देने पानीपत अनाज मंडी पहुंचे पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा
  • पूर्व CM बोले- किसानों से से हाथ मिलाने के बजाय पंजा लड़ा रही सरकार, कानूनों को जल्द रद करें
  • मांग पर विचार न करने पर आढ़तियों ने अनिश्चितकालीन की हड़ताल, किसानों को होगी परेशानी

पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मेरी फसल- मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों की फसल ही खरीदी जा रही है। जबकि प्रदेश के 16 में से 8 लाख किसान ही पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में 50% किसान अपनी फसल कहां बेचेंगे? प्रदेश सरकार ने फसल बिक्री के दो दिन के अंदर भुगतान का वादा किया था। आज 8 तारीख हो गई, दावा किया कि किसी किसान के खाते में भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से किसान-मजदूर के साथ अब आढ़ती भी परेशान हैं। किसान आंदोलन पर बोले कि किसानों से हाथ मिलाने के बजाय सरकार पंजा लड़ा रही है।

आढ़ती एसोसिएशन ने सरकार द्वारा फसल का भुगतान सीधे किसानों के खाते में करने के फैसले के विरोध और अपनी अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को प्रदेशभर में हड़ताल की। आढ़तियों का कहना है कि किसान जैसे चाहे, सरकार वैसे ही फसल का भुगतान करे। यदि किसान चाहता है कि उसके खाते में भुगतान हो तो खाते में करें और यदि किसान आढ़ती के माध्यम से भुगतान चाहता है, तो वैसे करें।

पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने गुरुवार को सभी जिलों में पहुंचकर आढ़ती एसोसिएशन की हड़ताल का समर्थन किया। पूर्व CM करीब 4 बजे पानीपत पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से किसान-मजदूर के साथ आढ़ती भी परेशान हैं।

सरकार ने दो दिन में फसल भुगतान का वादा नहीं निभाया। फसल कटने के कई-कई दिन बाद किसान को मैसेज मिल रहा है। किसान के पास फसल 50 क्विंटल है और उसे मैसेज 40 क्विंटल का मिल रहा है। ऐसे में किसान खराब मौसम से अपनी फसल सुरक्षा कैसे करेगा। इसमें उसकी लागत और बढ़ेगी।

आढ़ती किसानों की फसल की सुरक्षा करने के साथ समय-समय पर आर्थिक रूप से भी उनकी मदद करता है। सरकार के नए फैसले से किसान और आढ़ती के बीच दूरी बढ़ेगी। इससे किसान पर आर्थिक बोझ बढेगा। उन्होंने सरकार ने आढ़तियों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की।

खाद और डीजल के दाम कम हो
पूर्व CM ने कहा कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। इसके विपरीत खाद और डीजल के दाम बढ़ाकर किसानों की लागत बढ़ा दी और आय कम हो गई। उन्होंने खाद और डीजल के बढ़े दाम वापस लेने की मांग की।

किसानों का नेतृत्व नहीं, समर्थन कर रहे
भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी किसान आंदोलन का नेतृत्व नहीं कर रही है। सभी उनकी मांगों का समर्थन कर रहे हैं और करते रहेंगे। रोहतक में लाठीचार्ज और पानीपत के समालखा विधायक धर्मसिंह छौक्कर के घर इनकम टैक्स की रेड पर बोले कि प्रजातंत्र में किसी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। लाठीचार्ज और रेड से सरकार यही करना चाहती है।

मांग पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल
पानीपत आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान धर्मवीर मलिक ने कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल तीन दिन पहले CM मनोहर लाल खट्‌टर से मिला था। CM ने दो दिन में मांग पूरी करने का आश्वासन दिया था, जो पूरा नहीं किया। अब मांग पूरी होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।

यह है प्रमुख मांग
सरकार ने फसल का भुगतान सीधे किसानों के खातों में करने का निर्णय लिया है। आढ़तियों का कहना है कि यह निर्णय किसानों पर थोपा न जाए। जैसे किसान चाहे, वैसे ही उसकी फसल का भुगतान किया जाए। इसके अलावा उनके बकाया कमीशन का भुगतान जल्द हो।

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