Wednesday, April 14, 2021
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नगर निगम की बैठक: पानी व सीवर की डैमेज लाइन पूरे शहर में बदलेंगे, अम्रत में शामिल होंगी छूटी गलियां


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रोहतक36 मिनट पहले

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  • पार्षद बोले- शहर में सीवर-पानी के हालात असमान्य
  • समाधान की आस पेयजल आपूर्ति और सीवर समस्या सुधारने का प्लान

नगर निगम की गुरुवार को सामान्य बैठक हुई। बैठक में शहर के असमान्य हालातों पर खूब हंगामा हुआ। टेबल पर गंदे पानी से भरी बोतल रखी गई। वार्ड-4 के पार्षद धर्मेंद्र गुलिया पप्पन यह बोतल लेकर पहुंचे थे। मेयर मनमोहन गोयल ने तक ने कहा कि खुद उनके मोहल्लों में रोजाना ऐसी शिकायतें आ रही हैं। डेढ़ घंटे विचार-विमर्श के बाद समाधान का मंत्र निकाला।

तय किया गया कि अब पब्लिक हेल्थ और नगर निगम के कर्मचारियों की एक टीम एक सर्वे रिपोर्ट तैयार करेगी। पार्षद भी साथ रहेंगे। उन इलाकों में नई पेयजल लाइन डालने के प्रपोजल तैयार किए जाएंगे। वहीं जिन गलियों में नई लाइन की जरूरत है। उन्हें अम्रत योजना के सीवर व पानी की लाइन बिछवाने के प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा। इन दोनों काम की डेडलाइन भी तय होगी।

पुराने शहर की 80 साल पुरानी लाइन; टेल तक पानी नहीं पहुंचता, रास्ते में जगह-जगह ‘बह’ रही

सोनीपत रोड जलघर से जुड़े इलाकों में लगभग 80 वर्ष पुरानी पानी की पाइपलाइन बिछी हुई है। इतनी पुरानी होने से ये पाइप लाइनें जगह जगह से डैमेज हो गई हैं। इससे पेयजल व्यवस्था बिगड़ रही है। खासकर पुराने शहर में किला रोड मोहल्ला, किला रोड बाजार, प्रताप मोहल्ला, कायस्थान मोहल्ला, ब्राह्मणान मंडी, जुलाहा चौक, डेयरी मोहल्ला, पाड़ा मोहल्ला, सलारा मोहल्ला आदि लगभग 1 लाख आबादी वाले ऐसे इलाके हैं जहां पर दूषित और कम पानी मिलने की शिकायतें चली आ रही हैं। इसी क्रम में गांधी कैंप, डीएलएफ, चिन्योट, गीता, एकता, जनता कॉलोनी, माता दरवाजा चौक, रैनकपुरा आदि क्षेत्रों में दूषित पानी की शिकायत आती हैं।

जेई सस्पेंड पर शाम तक बना सस्पेंश

मीटिंग में पार्षद सुरेश किराड़ ने शौचालय निर्माण में लापरवाही का मामला उठाया। कहा कि जेई कृष्ण सहयोग नहीं करते हैं। कमिश्नर ने जेई कृष्ण कुमार को सस्पेंड करने का निर्देश दिया। हालांकि शाम को बताया गया कि जेई से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उसके बाद उन पर कार्रवाई की जा सकती है।

समाधान की पार्षद करेंगे निगरानी

पानी व सीवर की शिकायतें ज्यादा थी। उनको दूर करने के लिए पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। निगम भी मॉनिटरिंग करेगा। फंड ज्यादा आएगा तो उसके हिसाब से ही अधिक काम होंगे। फिलहाल 20-20 लाख रुपए के टेंडर लगा दिए गए हैं।
-मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम।

मुद्दों पर तुरंत शुरू कराएंगे ग्राउंड वर्क

पानी व सीवर की समस्याओं पर संबंधित अधिकारियों को सदन से स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें किस तरह से कार्य पूरे करने हैं। बैठक में उठाए गए सारे मुद्दों को लेकर निगम के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक करुंगा। ताकि जल्द ग्राउंड वर्क शुरू किया जा सके।
-प्रदीप गोदारा, कमिश्नर नगर निगम।

भास्कर एक्सपर्ट
डीएस खासा, रिटायर्ड एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग

पेयजल

गलियों में टेल तक पानी नहीं पहुंचने के लिए उस एरिया की वाटर सप्लाई को री डिजाइन करना ही होगा। मोहल्लों के हिसाब से बूस्टर बढ़ाने होंगे।

दूषित पानी के समाधान के लिए हर मोहल्ले व कॉलोनियों में नालियों को बंद कर किया जाए और पानी की पाइपलाइन ऊपर बिछें। इससे 90% समस्या का समाधान हो जाएगा।

पुरानी सीमेंट की पाइप लाइनों में पानी की आपूर्ति बंद करनी होंगी। इनकी मरम्मत संभव नहीं होती। अवैध कनेक्शन के बाद ये लीकेज का सबसे बडा कारण बनती हैं।

कई प्रोजेक्ट के बाद भी शहर में सीवर-पानी पर हालात सामान्य नहीं होते। ये बिंदू समझाएंगे हमें कहां जरूर है और कहां चूक रहे हैं।

सीवर ओवरफ्लो

  • ​​​​​​​सीवर में किसी भी स्थिति में अड़ंगा जाने से रोकने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाए। ताकि आमजन वेस्ट सामग्री सीवर में डालने से बचें।
  • सीवर ओवरफ्लो मामले के लिए 99 प्रतिशत शहरवासी और 1 प्रतिशत पब्लिक हेल्थ विभाग जिम्मेदार होता है। क्योंकि यदि सीवर में अड़ंगा न पड़े तो उसके जाम होने का सवाल ही नहीं है।
  • विभाग मार्च से जून के बीच में पूरे नगर निगम एरिया की सीवर लाइन की कायदे से सफाई कराए और सीवर के मेनहोल भी ढक्कन हटाकर साफ हों।

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