Monday, April 19, 2021
Home देश समाचार डीपीसीसी की कड़ी कार्रवाई: पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के डीपीसीसी ने किया 12.05 करोड़...

डीपीसीसी की कड़ी कार्रवाई: पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के डीपीसीसी ने किया 12.05 करोड़ रुपए जुर्माना


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली18 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • यमुना को गंदा करने पर 13 सीईटीपी को नोटिस

यमुना को गंदा करने वाले 13 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही डीपीसीसी ने पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए 13 सीईटीपी प्लांटों पर 12.05 करोड़ रुपये जुर्माना भी किया है।

दिल्ली सरकार ने जांच में पाया है कि 17 औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधित करने के लिए लगाए गए 13 सीईटीपी ठीक से काम नहीं करते हैं। यमुना में बिना शोधित किए जल ही छोड़ा जा रहा है जिसकी वजह से यमुना बड़े पैमाने पर प्रदूषित हो रही है। इसके साथ ही डीपीसीसी द्वारा तमाम निर्देश दिए जाने के बाद भी सीईटीपी प्लांट को डीपीसीसी ने तय मानकों के मुताबिक नहीं पाया।

सीईटीपी नहीं कर रही निर्देशों पर अमल

डीपीसीसी की विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी निर्धारित एफिलिएट मानकों का सीईटीपी ने अनुपालन नहीं किया। इसके बाद 05 अप्रैल 2021 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गया। डीपीसीसी प्रयोगशाला की रिपोर्ट का फरवरी 2020 के बाद से मासिक विश्लेषण किया गया।

जिसके आधार पर पर्यावरण को हुई क्षतिपूर्ति के लिए 12.05 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। बता दें कि उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषित जल को शोधित करने में सीईटीपी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके कारण कड़ी कार्रवाई की गई है। इसके अलावा भविष्य में भी सीईटीपी के ऊपर नजर रखेंगे।

दूषित जल की सफाई के लिए 212.3 एमएलडी की क्षमता

दिल्ली में औद्योगिक ईकाइयों से निकलने वाली जल की सफाई के लिए 212.3 एमएलडी की क्षमता के 13 सीईटीपी प्लांट लगाया गया है। वजीरपुर, मायापुरी, बवाना, नरेला, एसएमए, जीटीके, ओखला, मंगोलपुरी, नांगलोई, बादली, झिलमिल, लॉरेंस रोड और नारायणा में 13 सीईटीपी का निर्माण 17 औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधित करने का काम करते हैं।

सीईटीपी की जांच जिम्मेदारी उद्योग आयुक्त के पास

दिल्ली में सीईटीपी की जांच और नियमों को लागू कराने की जिम्मेदारी उद्योग आयुक्त के पास है। सीईटीपी नियमों के अनुसार दिल्ली में इनके संचालन और रखरखाव के लिए सीईटीपी सोसायटी का गठन किया गया है। ये सीईटीपी सोसाइटी इनके संचालन और रखरखाव के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। सीईटीपी को अपग्रेड कराने की जिम्मेदारी भी सीईटीपी सोसायटी के पास है।

खबरें और भी हैं…



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments