Friday, April 16, 2021
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टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदाेलन का 131वां दिन: केएमपी पर 10 को जाम में कमी नहीं छोड़ना चाहते किसान, मुख्य बैठक आज होगी, योजना को दिया जाएगा फाइनल टच


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बहादुरगढ़14 मिनट पहले

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टिकरी बॉर्डर पर 10 अप्रैल के केएमपी जाम करने के लिए छोटी-छोटी बैठकों का दौर दिनभर जारी रहा।

  • किसानों का प्रदर्शन जारी, पंजाब से महिला व पुरुष किसान ट्रेन से रोजाना पहुंच रहे धरने पर

केएमपी पर 10 अप्रैल को 24 घंटे यातायात जाम लेकर चल प्रयासों में दिन भर बैठकों के दौर चलते रहे व मुख्य बैठक बुधवार को नए बस अड्‌डे पर होगी। जिसमें हरियाणा के किसान संगठनों के साथ केएमपी पर ही स्टेज तैयार करने व वहीं पर 24 घंटे तक घरने को लेकर बैठक में योजना को फाइनल टच दिया जाएगा।

मंगलवार को टिकरी बार्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले टिकरी बॉर्डर स्टेज पर जोगेंद्र सिंह नैन प्रेसिडेंट बीकेयू हरियाणा ने अपने संबोधन में कहां कि हमारा पांच तारीख का एफसीआई बंद का प्रोग्राम सफल हुआ इसमें सभी किसान साथियों को बधाई के पात्र हैं अब 10 तारीख को केएमपी पर 24 घंटे के लिए जाम लगाना है।

इसमें एनसीआर के सभी किसान साथियों से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा ट्रैक्टर ट्रॉली जिसमें महिलाएं भी साथ हो वहां पर पहुंचे और संयुक्त मोर्चा ने जो अपील दी है उसमें बढ़-चढ़कर भाग ले तथा कल सात अप्रैल को नए बस अड्डा के पास सेक्टर नौ के पार्क में संयुक्त संयुक्त मोर्चा हरियाणा की एक बैठक होगी जिसमें आगामी प्रोग्राम बारे विचार किया जाएगा।

हरियाणा प्रदेश की सरकार द्वारा किसानों पर अत्याचार किए जा रहे हैं सभी राजनीतिक पार्टियों का किसी भी गांव और शहर में प्रोग्राम हरियाणा में नहीं होने दिए जायेंगे इसके भी किसान बधाई के पात्र हैं। इस मौके पर डॉक्टर सवाई मान सिंह की टीम द्वारा टिकरी बॉर्डर बहादुरगढ़ पर किसानों के रहने के लिए लोहे बांस से पॉलीथिन लगाकर मकान बनाए जा रहे है जो किसानों को फ्री में बना कर दे रहे है।इसकी घोषणा की गई।

दोपहर को काका सिंह बराड़ बीकेयू लखोवाल ने टिकरी बॉर्डर बहादुरगढ़ पर किसानों को समर्थन दिया। इसके बाद जिया लाल प्रवक्ता बीकेयू हरियाणा ने टिकरी बॉर्डर बहादुरगढ़ पर किसानों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सेक्टर नौ पार्क बहादुरगढ़ में इलेक्ट्रिक पोल नंबर 40 के सामने हरियाणा के किसानों की दोपहर को बैठक है।

10 को केएमपी जाम के लिए टिकरी बाॅर्डर पर पहुंच किसानाें का किया समर्थन

10 अप्रैल को होने वाले केएमपी को जाम करने के लिए हम किस तरह से काम करना है उसकी रूप रेखा तैयार करेंगे। डाॅक्टर स्वाई मान सिंह अमेरिका हार्ट स्पेशलिस्ट ने टिकरी बॉर्डर बहादुरगढ़ पर किसानों को समर्थन दिया। कहा कि हमारे किसानों के आगुओं को रवि आजाद किसान नेता की जो गिरफ्तारी हुई है इस ओर ध्यान देना चाहिए, उसको वकील करके बाहर निकाला जाए। हम आप सबसे अपील करता हूं आप सब खुद अपना काम करो यहां जो भी आएगा वह किसान है। हिंदू मुस्लिम, जाति से हटकर यह आंदोलन है।

इस मौके पर डॉक्टर सुरजीत सिंह पंजाब ने टिकरी बॉर्डर बहादुरगढ़ पर किसानों को समर्थन दिया। वहीं गुरनाम सिंह भीकी कीर्ति किसान यूनियन ने टिकरी बॉर्डर बहादुरगढ़ पर किसानों को समर्थन दिया।

किसानों ने छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों को नमन करते हुए किसान।

छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों को नमन करते हुए किसान।

बादली, ढासा बॉर्डर के धरने पर मंगलवार को धरने पर मौजूद किसानों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। शहीदों को नमन किया और उनकी वीरता को लेकर उन्हें सलाम किया।

शहीदों को श्रद्धांजलि देने के उपरांत युवा किसान नेता व समाजसेवी प्रीतम कुकडौला ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले में 23 जवान शहीद हो गए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार टोटली फैलियर है। पूंजीपति के अलावा इस सरकार को और कुछ भी दिखाई नहीं देता। सोमबीर बोकल गुलिया ने कहा कि हमारे सैनिक कभी पुलवामा में, कभी छत्तीसगढ़ में तो कभी चीन बाॅर्डर या अन्य स्थानों पर शहीद हो रहे हैं। सरकार अपनी नाकामी को दूसरे देशों के सिर फोड़ कर अपना पीछा छुड़ा लेती है।

जवानों की शहादत पर घड़ियाली आंसू बहा देती है। इस प्रकार की घटनाएं बार-बार फिर से हो जाती हैं। धरने पर मोहित गुलिया ने कहा कि प्रधानमंत्री शहीद परिवारों के दुख में शामिल होने की बजाए बीजेपी कार्यकर्ताओं की बैठक लेने में व्यस्त हैं। विभिन्न राज्यों में हो रहे चुनावों की जनसभाओं में व्यस्त हैं।

सरकार को ना किसानों की चिंता है और ना ही जवानों की। 23 जवानों की शहादत पर मौन रखने के बाद एडवोकेट सतवीर गुलिया, ठेकेदार तेजपाल गुलिया बादली, मामन ठेकेदार, शैलेश ठेकेदार व अन्य वक्ताओं ने भी किसानों और जवानों की मौत के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

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