Friday, April 16, 2021
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घग्गर नदी में अवैध माइनिंग: पंजाब-हरियाणा के अफसरों में सीमा विवाद, सरपंच के पास छोड़ी मशीनरी


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पंचकूला4 घंटे पहले

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नक्शे में हरियाणा-पंजाब की सीमा ढूंढते अधिकारी।

  • घग्गर नदी में अवैध माइनिंग पर स्पेशल इंफोर्समेंट टीम ने मारा छापा
  • दोनों राज्यों के अधिकारियों के पास नहीं कोई कागज, घग्गर नदी में किसकी जमीन कहां तक

मंगलवार को हरियाणा की स्पेशल इंफोर्समेंट टीम ने सेक्टर-28 के नजदीक घग्गर नदी में अवैध माइनिंग करते हुए पोकलेन और एक ट्राले को पकड़ा। जिसके कुछ मिनटों बाद ही मौके पर पंजाब पुलिस भी मौके पर पहुंची और उन्होंने एसईटी और माइनिंग विभाग को पंजाब के एरिया में माइनिंग होने की बात कहकर ट्राला व पोकलेन को उनके कब्जे में देने को कहा। मामला बढ़ता देख मौके पर पंजाब व हरियाणा के दर्जनों पुलिस कर्मी पहुंच गए।

साथ ही दोनों राज्यों के रेवेन्यू ऑफिसर भी मौके पर पहुंचे ताकि वे बता सके कि माइनिंग पंजाब के एरिया में हो रही थी या फिर हरियाणा के। हैरानी की बात यह है कि इस दाैरान न ही पंजाब को अपनी सीमा के बारे में जानकारी थी और न हरियाणा के अधिकारियाें को पता कि घग्गर नदी में उसकी जमीन कहां तक है। करीब चार घंटे से ज्यादा समय तक की आपसी बहस के बाद जीपीएस से निशानदेही को लेकर फाइनल निर्णय लिया गया। जिसके बाद करीब 6 बजे दोनों टीमें मौके से वापस गई।

स्पेशल इंफोर्समेंट टीम के मुताबिक उन्हें मुखबिर से पता चला कि घग्गर नदी के हरियाणा के हिस्से में अवैध माइनिंग हो रही है। जिसके बाद टीम की ओर से जीपीएस के सहारे लोकेशन ट्रेस की गई और उसके मुताबिक घग्गर नदी में मौके पर पहुंचकर अवैध खनन में शामिल पोकलेन और ट्राले को पकड़ा। पंजाब व हरियाणा के रेवेन्यू विभाग के कर्मचारी नक्शा लेकर मौके पर पहुंचे थे।

पंजाब के कर्मचारी पीर मुच्छल्ला और हरियाणा के कर्मचारी रामगढ़ का नक्शा लेकर मौके पर पहुंचे। हालांकि नक्शे से दोनों राज्यों के रेवेन्यू के कर्मचारी किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए। जिसके बाद जीपीएस से निशानदेही करवाने का फैसला लिया गया।

निशानदेही तक सरपंच की निगरानी में मशीनरी

करीब चार घंटे की बहस में फैसला लिया कि पीरमुछल्ला सरपंच की निगरानी में पोकलेन और ट्राला रहेगा। जब तक निशानदेही नहीं हो जाती और उन दिनों में उक्त पोकलेन व ट्राले को नदी में हरियाणा के दायरे में माइनिंग के लिए इस्तेमाल होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरपंच की होगी और पुलिस व माइनिंग विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।

पंचकूला के माइनिंग ऑफिसर ओमदत्त शर्मा ने बताया कि एचएएसवीपी व रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों को यह पता ही नहीं है कि घग्गर नदी में कहां तक हरियाणा का हिस्सा है। ऐसे में अब रेवेन्यू विभाग की ओर से मौके की निशानदेही के बाद ही यह पता चलेगा कि घग्गर नदी में हरियाणा का कहां तक हिस्सा है और पंजाब का कहां तक। अब जीपीएस से दोनों राज्यों की ओर से निशानदेही करवाए जाने का फैसला लिया गया।

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