Friday, April 16, 2021
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किसान आंदोलन: प्रशासन को चकमा दे किसानों ने कुंडली में एनएच-44 पर बनाया पक्का मकान


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राई15 घंटे पहले

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कुंडली में बनाए पक्के मकान पर बुधवार को छत डाली गई। पिछले माह इसका निर्माण कार्य प्रशासन ने रुकवा दिया था।

  • 11 मार्च को प्रशासन ने रुकवाया था निर्माण कार्य

कुंडली में प्रशासन को चकमा देकर किसानों ने एनएच-44 पर ईंटों का पक्का मकान बना लिया है। बुधवार को किसानों ने छत डालकर निर्माण पूरा कर लिया। प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। प्रशासन ने 11 मार्च को इस पक्के मकान का काम बंद करा दिया था। वहीं, इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने भी पक्के मकान नहीं बनाने की अपील की थी।

किसानों ने कहा कि उन्होंने बाबा नानकराम का रैन बसेरा बनाया है। किसान गुरतेज ने बताया कि 10 अप्रैल को केएमपी को 24 घंटे के लिए जाम किया जाएगा। ऐसे में पंजाब से काफी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चे आ रहे हैं।

उनके लिए रहने के लिए कमरे व शौचालय पक्के बनाए गए हैं। वहीं, इस बारे में कुंडली थाना प्रभारी रवि कुमार का कहना है कि किसानों ने पूरी तरह पक्का निर्माण नहीं किया है। छत पर टीन डालकर अस्थाई निर्माण किया है।

प्रशासन के काम रुकवाने के एक माह के अंदर पूरा किया निर्माण

प्रशासन की लापरवाही : किसानों ने मौका मिलते ही डाली छत

किसानों ने 11 मार्च को ईंटों के पक्के मकान बनाने का काम शुरू किया था, जिसे बंद करा दिया था। अब बुधवार को जीटी रोड की साइड तिरपाल लगाकर निर्माणाधीन ईंटों के मकान का काम ढक दिया। इसके बाद किसानों ने आनन- फानन में 7 फीट से बढ़ाकर दीवारों को 11 फीट कर दिया। इसके बाद लोहे की टीन से छत पक्की की गई। इस पक्के मकान को बाबा नानक रैन बसेरा का नाम दिया है।

किसानों ने बदली रणनीति, बोले- मकान बनाएंगे व परिवार भी लाएंगे

किसान नेता होकम सिंह, श्रवण सिंह, बलकार सिंह ने कहा कि यहां मकान भी बन रहे हैं और परिवार को भी लाएंगे। किसान नेताओं ने फिर दोहराया कि यह आंदोलन दिसंबर 2021 तक चलेगा। एक-दो दिन में यहां किसानों की संख्या और बढ़ जाएगी। जब तक एमएससी पर कानून नहीं बनता और केंद्र सरकार के बनाए ये तीनों काले कानून रद्द नहीं होते, ये किसान अपने गांव नहीं जाएंगे।

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