Wednesday, April 14, 2021
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किसानाें का विरोध: मकड़ौली टोल प्लाजा पर सार्वजनिक क्षति वसूली कानून की किसानों ने फूंकी प्रतियां


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रोहतक37 मिनट पहले

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मकड़ौली टोल प्लाजा पर गुरुवार काे किसानाें ने सार्वजनिक क्षति वसूली कानून की प्रतियां जलाई। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। किसान सभा जिला सचिव सुमित सिंह ने बताया कि आज के दिन ही भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने अंग्रेजी सरकार की ओर से लाए गए दो काले कानूनों पब्लिक सेफ्टी बिल और ट्रेड डिस्प्यूट बिल के खिलाफ असेम्बली में बम फेंका था।

इसीलिए वर्तमान भाजपा सरकार लाए गए कानून सम्पति क्षति वसूली के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा ने गुरुवार को कानून की प्रतियां जलाने का आह्वान किया। आंदोलनकारी किसानों ने कहा कि संयुक्त मोर्चा की ओर से घोषणा किए आंदोलनों मे 10 अप्रैल को केएमपी, केजीपी को 24 घंटे के लिए बंद करने के आह्वान किया।

संपत्ति क्षति पूर्ति कानून 2021 के खिलाफ किलोई गांव के किसान मजदूरों ने कानून की प्रतियां जलाई। साथ ही 10 अप्रैल को केएमपी पर जाम में भाग लेने का संकल्प लिया। इससे पहले गांव की पंचायती चौपाल में किसान मजदूरों को संबोधित करते हुए धर्मबीर हुड्डा ने कहा कि इस जनविरोधी कानून में आंदोलनकारियों के खिलाफ रखे गए प्रावधानों से पुलिस से सरकार को असीमित ताकत मिल जाएगी। सभा में गांव की कमेटी सदस्य नरेश, सीटू नेता रवींद्र और भवन निर्माण कामगार यूनियन के संजय ने भी विचार रखे। इस मौके पर दयानंद, प्रेम सिंह, सुखबीर हुड्डा प्रधान, महेंद्र सिंह, बलबीर सिंह, राजू, श्रीकृष्ण, सुखबीर, नवीन और कृष्ण नंबरदार मौजूद रहे।

संपति क्षतिपूर्ति कानून का प्रतियां जलाकर किया विरोध

महम, संपत्ति क्षतिपूर्ति कानून की प्रतियां मदीना टोल प्लाजा पर किसानों ने गुरुवार को जलाई। टोल पर धरने को 103 दिन हो चुके हैं। गुरुवार को धरने की अध्यक्षता प्रेम सिंह और लाडो देवी ने की। सीटू के जिला सचिव प्रकाश व जिला कोषाध्यक्ष सत्यनारायण ने कहा कि सरकार ने कोरोना का भय दिखाकर पहले खेती को बर्बाद करने के तीन कानून लाए तथा साथ-साथ मजदूरों के 44 श्रम कानूनों को चार कोड में बदल दिया।

संविधान को खत्म करने की न केवल तैयारी है बल्कि अघोषित इमरजेंसी सरकार की ओर से लगाई जा चुकी है। किसान सभा के जिला कोषाध्यक्ष बलवान सिंह ने बताया कि 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मदीना टोल पर मनाई जाएगी। इस दौरान प्रेम सिंह, बलवान सिंह, मुकेश सिंह, कलीराम, दयानंद, धर्मपाल, कुलबीर, कृष्ण दत्त, सत्यनारायण, प्रकाश, कर्मवीर, सत्या देवी, सुनीता, विमला, परमेश्वरी, ममता, कमला, रानी आदि मौजूद रहे।

मदीना टोल पर संपति क्षतिपूर्ति कानून का विरोध करते हुए किसान।

मदीना टोल पर संपति क्षतिपूर्ति कानून का विरोध करते हुए किसान।

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