Tuesday, June 22, 2021
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अजमेर खवाजा साहब की दरगाह: कोरोना में कैसे मनाएं खुशियां; दरगाह दीवान बोले-हमारी ईद खुशियों के साथ उस दिन होगी जब हर इंसान कोरोना महामारी को हरा देगा


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अजमेर9 मिनट पहले

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सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान ने अपने अनुयायियों को दिए संदेश मे कहा कि जब नए कपड़ों से ज़्यादा देश में कफ़न बिक रहे हो तो, हम कैसे ख़ुशियाँ मना सकते हैं। हमारी ईद खुशियों के साथ उस दिन होगी जब देश और दुनिया का हर इंसान खुशहाल व स्वस्थ होकर इस कोरोना नाम की महामारी को हरा देगा। दीवान आबेदीन ने ईद सादगी से मनाने की अपील की है।

आबेदीन द्वारा अनुयायियों को दिए संदेश में कहा कि वह इस्लाम की सकारात्मक व्याख्या प्रस्तुत करें, कि जब दुनिया इस कोरोना महमारी से परेशान हाल है, हर तरफ़ अफ़रा तफ़री का माहौल, कोई ना कोई अपने किसी करीबी को खो चुका है। बाप अपने बेटे को, बेटा अपने माँ बाप को, भाई बहनो को और बहनें अपने भाइयों को मरते हुए देख रहे हैं। वे दुखों के पहाड़ से गुजर रहे है। इस परेशानी के दौर में हम किसी भी त्योहार को ख़ुशी के साथ नहीं मनाएं और ईद की नमाज़ के बाद हमारे हाथ दुआ के लिए उठे तो सिर्फ़ ज़बान पर एक ही दुआ हो की दुनिया से यह महामारी का ख़ात्मा हो।

सादगी से मनाएं, भीड़ एकत्र न करें

उन्होंने देश के हर नागरिक से अपील की है कि आने वाली ईद को सादगी से मनाए कोई भी ख़ुशी का इजहार ना करे। अपने घरों में ही रहकर इबादत करें। ईद की नमाज़ में ज्यादा भीड़ इखट्टी ना करे । सरकार की जो भी गाइड लाइन है उस का सख़्ती के साथ पालन करे, मास्क पहने और एक दूसरे से दूरी बना कर रखे। याद रहे इस महामारी से सिर्फ़ बचाव और कोविड प्रोटोकाल गाइड लाइन की पालना करके ही जीता जा सकता है। दीवान आबेदीन ने कहा की भारत एक ऐसा देश है, जहाँ सभी धर्म हज़ारों वर्षों से मोहब्बत और अमन के साथ मिल जुल कर रहते आ रहे हैं।

मुल्क की यह गंगो-जमनी तहज़ीब एक मिसाल

भारत एक ऐसा देश है जो सभी मज़हब को ख़ूबसूरत फूलों की तरहें एक गुलदस्ते की शक्ल में सज़ाकर रखे हुए हैं। रमज़ान का पवित्र महीना उसकी एक बड़ी मिसाल है, कि कैसे सभी धर्म के लोग मिल जुलकर एकसाथ रोज़ा इफ़तार करते हैं और फिर ईद पर एक दूसरे से मिल कर एक दूसरे के घर पर जाकर एक दूसरे के धर्म का आदर करते है । हमारे मुल्क की यह गंगो-जमनी तहज़ीब दुनिया के लिए एक मिसाल है । दुनिया ने हम से ही सीखा है कि कैसे सभी धर्म के लोग बिना भेदभाव के एक साथ रह सकते हैं और एक दूसरे के सुख दुःख में कैसे काम आते है ।

आज हमें एक बार फिर अपनी एकता दिखानी है एक दूसरे के सुख दुःख में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहकर दुनिया के सामने एक बार फिर मिसाल क़ायम करते हुए दिखाना है कि भारत एक महान देश है जो हर जंग हर आपदा को अपनी एकता और अखंडता के दम पर जीत लेता है। उन्होंने कहा कि वह समय आ गया है कि हम बजाए एक दूसरे की कमियाँ या ग़लतियाँ निकाले बल्के देश से इस महामारी को ख़त्म करने में एक दूसरे का साथ दे और जिस से जो भी मदद हो सकती है वो मदद कर के एक दूसरे का सहारा बने।

सामाजिक धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों को यह याद रखना चाहिए की यह देश है तो हम है। यह देश है तो हमारा अस्तित्व है। इस लिए ज़िम्मेदारी से बयानबाजी करे और मौजूदा दौर में सियासी और मजहबी रहनुमा एक प्रेरणा बनें, जिस से की इस देश के हर परेशान हाल को एक सकारात्मक व अच्छा माहौल मिले। गौरतलब है कि ईद चांद दिखाई देने पर 13 या 14 को मनाई जाएगी।

(रिपोर्ट: आरिफ कुरैशी)

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